नई दिल्ली | अक्टूबर 2025 — सोना (Gold) हमेशा से भारतीय निवेशकों और कारोबारियों के लिए एक भरोसेमंद संपत्ति माना जाता रहा है। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी व्यापारियों दोनों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ गई है।
सोने की कीमतों का ताज़ा रुख
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल के दामों में बदलाव के चलते सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।
भारत में 24 कैरेट सोने का भाव ₹65,000 से ₹67,000 प्रति 10 ग्राम के बीच बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹60,000 के आसपास कारोबार कर रहा है।
निवेश के लिए सोना क्यों जरूरी है?
- सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven): आर्थिक संकट या महंगाई बढ़ने पर सोना अपनी वैल्यू बनाए रखता है।
- लॉन्ग टर्म ग्रोथ: लंबे समय में सोने की कीमतें हमेशा ऊपर जाती रही हैं।
- पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन: शेयर मार्केट में गिरावट के समय सोना नुकसान की भरपाई में मदद करता है।
सोने के बिज़नेस में नए मौके
भारत दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड उपभोक्ता देश है। त्योहारी सीजन और शादी के समय सोने की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इस समय सोने से जुड़े कई बिज़नेस में निवेश करना फायदेमंद हो सकता है —
- ज्वेलरी शॉप या ऑनलाइन स्टोर: आधुनिक डिज़ाइनों की ज्वेलरी बेचने का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
- गोल्ड ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी: लोग अब गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर रहे हैं।
- गोल्ड लोन बिज़नेस: छोटे शहरों में गोल्ड लोन कंपनियों की डिमांड बढ़ी है।
- गोल्ड रिफाइनिंग यूनिट: पुराने गहनों से सोना रीसायकल करने का बिज़नेस भी तेजी से बढ़ रहा है।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्याज दरों में कमी और आर्थिक अस्थिरता बनी हुई है।
इसलिए निवेशकों और कारोबारियों के लिए यह सही समय हो सकता है कि वे सोने से जुड़े बिज़नेस या निवेश योजनाओं पर ध्यान दें।
निवेश से पहले सावधानी
- सोने की शुद्धता (Purity) की जांच करें (BIS Hallmark देखें)।
- निवेश के लिए विश्वसनीय प्लेटफ़ॉर्म या बैंक का चुनाव करें।
- बहुत ज्यादा लोन लेकर गोल्ड में निवेश करने से बचें।






