E-Bike Battery Fires on the Rise: विशेषज्ञ ने बताए कैसे रहें सुरक्षित…

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आज के समय में इलेक्ट्रिक बाइक (E-Bike) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में ई-बाइक बैटरी में आग लगने की घटनाएं बढ़ने से लोगों में डर भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन हादसों के पीछे कुछ सामान्य लापरवाहियां और तकनीकी खामियां जिम्मेदार हैं।

क्यों लगती है E-Bike की बैटरी में आग?

  1. ओवरचार्जिंग (Overcharging):
    कई लोग अपनी ई-बाइक को रातभर चार्ज पर छोड़ देते हैं। लगातार चार्जिंग से बैटरी का तापमान बढ़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  2. घटिया क्वालिटी की बैटरी:
    सस्ते और लोकल निर्माताओं की बैटरियों में सुरक्षा सर्किट (BMS) नहीं होता, जिससे तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता।
  3. गलत चार्जर का उपयोग:
    अलग मॉडल या वोल्टेज के चार्जर का उपयोग करने से बैटरी में असंतुलन आता है और यह तेजी से गर्म होने लगती है।
  4. उच्च तापमान और धूप में पार्किंग:
    बैटरी को लंबे समय तक धूप में रखने से उसका तापमान बढ़ता है, जिससे सेल डैमेज होकर आग लग सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह – कैसे रहें सुरक्षित

  1. सिर्फ कंपनी-प्रमाणित चार्जर का उपयोग करें।
    हमेशा वही चार्जर इस्तेमाल करें जो आपकी ई-बाइक के साथ आया हो।
  2. ओवरचार्जिंग से बचें।
    बैटरी फुल चार्ज होने के बाद तुरंत चार्जर निकाल लें।
  3. बैटरी की समय-समय पर जांच कराएं।
    बैटरी में सूजन, फटने के निशान या बदबू आने पर तुरंत उसे रिप्लेस करें।
  4. धूप या गर्म जगह पर पार्किंग से बचें।
    कोशिश करें कि बाइक को हमेशा छांव या ठंडी जगह पर रखें।
  5. घरेलू वायरिंग की जांच करें।
    कई बार कमजोर वायरिंग या गलत सॉकेट की वजह से भी शॉर्ट सर्किट होकर हादसे हो जाते हैं।

सरकार और कंपनियों के कदम

केंद्र सरकार ने हाल ही में ई-बाइक निर्माताओं को बैटरी सेफ्टी स्टैंडर्ड्स (AIS 156) का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर बैटरी को तापमान नियंत्रण, वॉटरप्रूफिंग और BMS टेस्ट पास करना जरूरी होगा।

वहीं कई ई-बाइक कंपनियां अब स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Smart BMS) का उपयोग कर रही हैं, जो ओवरचार्जिंग और ओवरहीटिंग को तुरंत रोक देता है।

ई-बाइक एक बेहतरीन और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है, लेकिन सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। सही चार्जिंग, नियमित जांच और प्रमाणित उपकरणों के उपयोग से आप न केवल हादसों से बच सकते हैं बल्कि अपनी बैटरी की उम्र भी बढ़ा सकते हैं।